पतझड़ को भूल जाते तो,बहार निराली मतवाली न होती।

सूरज दिवाकर न कहलाता,जो रजनी इतनी काली न होती.............

कवयित्री | प्रेरक वक्ता

बोल उसने दिए.. ताल उसने दिए,

है ग़ज़ल जिंदगी इसमे लय दीजिए ……

9,631

सरस्वती वंदना 

Subscribe

मेरा कर्तव्य

मेरी आवाज

मेरे भाव

प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मानित करते माननीय सांसद श्री नीरज शेखर जी 
माननीय बेसिक शिक्षा मंत्री , डा0 सतीश द्विवेदी जी  को बेसिक शिक्षा में अध्ययनरत बच्चों हेतु प्रेरणा गीतों की अपनी काव्य पुस्तक भेंट करते हुए 
मतदाता जागरूकता अभियान
खुले में शौच मुक्त अभियान
महिला सशक्तिकरण अभियान
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान

मिशन शक्ति

Mission Shakti

The campaign will continue for the next six months till Basant Navratri

विश्व हिन्दी दिवस 

ऋचा रश्मियाँ

अपने सुना होगा “जहाँ न पहुंचे रवि वहॉं पहुंचे कवि” |  कविताओं के माध्यम से सन्देश सुदूर जाते हैं, हृदय में स्थान ग्रहण करके मानसिक चेतना उत्पन्न करते हैं| बच्चे सरलतापूर्वक कविताओं को अपना लेते हैं एवं समय के साथ कविता उनके व्यव्हार में परिवर्तन को स्वरुप प्रदान करती है|इसी विचार से मैंने इन् गीतों के रचना की, जिनकी शब्दावली अत्यंत सरल है अतः बेसिक शिक्षा में शिक्षा ग्रहण करने वाले नन्हे मुन्ने इसे सरलता से याद कर लेते है| आशा है जिस प्रकार मैंने अपने विद्यार्थियों एवं ग्रामीण जन को इन कविताओं के माध्यम से सकारात्मक सन्देश देने में सफलता प्राप्त की है और वर्तमान में भी आशान्वित हूँ ,आपके लिए भीं ये सार्थक सिद्ध होंगी|

आभार |

Richa Rai
writer
 

Visits 395,575

 

20th January 2022